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Prithvi Shaw IPL Unsold: अनसोल्ड रहने के बाद कैसे बदली पृथ्वी शॉ की सोच

By: Abhinav Prajapati

On: Thursday, March 26, 2026 11:59 PM

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कभी-कभी जिंदगी और करियर दोनों ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देते हैं, जहां इंसान को खुद से सबसे कठिन सवाल पूछने पड़ते हैं। खेल की दुनिया में यह पल और भी ज्यादा भारी होता है, क्योंकि यहां सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि फॉर्म, भरोसा, इमेज और मौके कुछ साथ-साथ चलता है। कुछ ऐसा ही दौर भारतीय क्रिकेटर Prithvi Shaw के जीवन में भी देखने को मिला, जब वह IPL Auction में अनसोल्ड रह गए। यह सिर्फ एक क्रिकेट खबर नहीं थी, बल्कि उन लोगों के लिए भी एक बड़ा झटका था, जो कभी उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा मानते थे।

लेकिन असली कहानी यहीं खत्म नहीं होती। हर गिरावट के बाद एक नया सोचने का मौका भी मिलता है। अब खुद पृथ्वी शॉ ने इस मुश्किल दौर पर खुलकर बात की है और बताया है कि IPL में अनसोल्ड रहने के बाद उनकी सोच कैसे बदली। उनका यह खुलासा सिर्फ एक खिलाड़ी की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए सीख जैसा है, जो कभी न कभी असफलता से टूटता जरूर है, लेकिन वहीं से फिर खुद को दोबारा बनाने की कोशिश भी करता है।

जब झटका सिर्फ करियर को नहीं, सोच को भी बदल देता है

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Prithvi Shaw जैसे खिलाड़ी के लिए आईपीएल में अनसोल्ड रह जाना निश्चित ही आसान पल नहीं रहा होगा। क्योंकि जिस खिलाड़ी ने बहुत कम उम्र में अपनी प्रतिभा से सबका ध्यान खींचा हो, उसके लिए ऐसा मोड़ भीतर तक असर छोड़ता है। बाहर से लोग सिर्फ एक नीलामी देखते हैं, लेकिन खिलाड़ी के अंदर उस समय कई सवाल एक साथ चल रहे होते हैं।

यही वजह है कि पृथ्वी शॉ का यह स्वीकार करना कि इस अनुभव ने उनकी सोच बदल दी, काफी मायने रखता है। कई बार करियर में ऐसा समय आता है जब टैलेंट होने के बावजूद मौके नहीं मिलते। ऐसे में खिलाड़ी को यह तय करना होता है कि वह शिकायत करेगा या खुद को और बेहतर बनाने की कोशिश करेगा। पृथ्वी के शब्दों से यही महसूस होता है कि उन्होंने इस झटके को सिर्फ निराशा की तरह नहीं, बल्कि एक चेतावनी और सीख की तरह लिया।

IPL Unsold रहने के बाद क्या बदला?

जब कोई खिलाड़ी लगातार सुर्खियों में रहता है, तो उसके लिए हर गिरावट भी हेडलाइन बन जाती है। पृथ्वी शॉ के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। लेकिन अब उन्होंने जिस तरह अपनी सोच में बदलाव की बात कही है, उससे साफ है कि उन्होंने इस दौर को गंभीरता से लिया है।

ऐसे समय में खिलाड़ी अक्सर अपनी फिटनेस, अनुशासन, मानसिक मजबूती और खेल के प्रति रवैये पर फिर से ध्यान देना शुरू करता है। क्योंकि सिर्फ मैदान पर रन बनाना ही काफी नहीं होता, बल्कि करियर को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए खुद को हर स्तर पर मजबूत करना पड़ता है। पृथ्वी शॉ के बयान से यही संकेत मिलता है कि उन्होंने अब चीजों को पहले से ज्यादा परिपक्व नजरिए से देखना शुरू किया है।

असफलता ने शायद वही सिखाया, जो सफलता नहीं सिखा पाती

खेल की दुनिया में सफलता बहुत जल्दी मिल जाए, तो कभी-कभी इंसान को लगता है कि सब कुछ हमेशा उसी तरह चलता रहेगा। लेकिन असली परीक्षा तब होती है, जब अचानक सब कुछ उम्मीद के उलट हो जाए। यही वह समय होता है, जब खिलाड़ी को अपनी पहचान, अपनी आदतों और अपनी प्राथमिकताओं पर दोबारा काम करना पड़ता है।

पृथ्वी शॉ की कहानी भी शायद इसी बदलाव की ओर इशारा करती है। एक दौर था जब उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य कहा जाता था। लेकिन अब उनका सफर एक ऐसे मोड़ पर पहुंचा, जहां उन्हें खुद से फिर वही सवाल पूछने पड़े—मैं कहां खड़ा हूं, और मुझे कहां पहुंचना है? यही सवाल कई बार इंसान को अंदर से मजबूत बनाते हैं।

फैंस के लिए यह सिर्फ खबर नहीं, वापसी की उम्मीद है

पृथ्वी शॉ को करीब से फॉलो करने वाले फैंस जानते हैं कि उनके अंदर प्रतिभा की कमी कभी नहीं रही। लेकिन क्रिकेट में सिर्फ प्रतिभा ही काफी नहीं होती। लगातार प्रदर्शन, सही मानसिकता और खुद को संभालकर आगे बढ़ना भी उतना ही जरूरी होता है। इसलिए जब कोई खिलाड़ी खुलकर कहता है कि उसकी सोच बदल गई है, तो फैंस के मन में उम्मीद जागती है कि शायद अब एक नई शुरुआत देखने को मिलेगी।

यह बात इसलिए भी खास है, क्योंकि लोग सिर्फ गिरावट नहीं देखना चाहते, बल्कि वापसी की कहानी भी देखना चाहते हैं। खेल की दुनिया की सबसे खूबसूरत चीज यही होती है कि यहां हर दिन एक नया मौका मिल सकता है।

अब नजर सिर्फ बातों पर नहीं, मैदान पर होगी

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पृथ्वी शॉ ने जो कहा, वह निश्चित ही महत्वपूर्ण है। लेकिन खेल की दुनिया में असली जवाब हमेशा मैदान पर ही दिया जाता है। अब फैंस, चयनकर्ता और क्रिकेट प्रेमी यही देखना चाहेंगे कि उनकी बदली हुई सोच आने वाले मैचों और प्रदर्शन में कैसे दिखाई देती है।

अगर यह बदलाव सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके खेल, फिटनेस और रवैये में भी नजर आया, तो यह उनके करियर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। कई बार सबसे बड़ी वापसी वहीं से शुरू होती है, जहां सबको लगता है कि अब कुछ बचा नहीं।

Disclaimer: 

यह लेख सामान्य जानकारी और उपलब्ध सार्वजनिक बयानों के आधार पर लिखा गया है। खिलाड़ी के विचार, करियर फैसले और खेल प्रदर्शन समय के साथ बदल सकते हैं। सटीक और आधिकारिक जानकारी के लिए विश्वसनीय स्रोतों और आधिकारिक बयानों को प्राथमिकता दें।

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