Edible Oil Market: रोजमर्रा की जिंदगी में खाने का स्वाद और बजट दोनों ही काफी हद तक तेल की कीमतों पर निर्भर करते हैं। ऐसे में अगर बाजार में तेल के दाम बदलते हैं, तो उसका असर सीधे आपकी रसोई तक पहुंचता है। मई के पहले हफ्ते में भी खाद्य तेलों के दामों में कुछ ऐसा ही उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिसने उपभोक्ताओं और किसानों दोनों का ध्यान खींचा है।
सरसों तेल की बढ़ती मांग ने दी कीमतों को मजबूती

उत्तर भारत में इन दिनों सरसों तेल की मांग तेजी से बढ़ी है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि यह सोयाबीन तेल की तुलना में सस्ता मिल रहा है। कम कीमत होने के कारण आम लोगों की पहली पसंद सरसों तेल बनता जा रहा है। इसी वजह से इसके दामों में भी हल्का सुधार देखने को मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इसकी मांग और बढ़ सकती है, इसलिए सरकार को इसका बफर स्टॉक तैयार करना चाहिए।
पाम और सोयाबीन तेल पर दिखा मिश्रित असर
पाम तेल की बात करें तो इसमें भी मजबूती देखने को मिली है। गर्मियों के दौरान इसकी औद्योगिक मांग बढ़ जाती है और हाल ही में आयात शुल्क बढ़ने से भी इसकी कीमतों को सहारा मिला है। वहीं सोयाबीन की स्थिति थोड़ी अलग है। सोयाबीन के खल की मांग बढ़ने से तिलहन की कीमतों में सुधार हुआ है, लेकिन तेल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं।
मूंगफली तेल में गिरावट ने दिया राहत का संकेत
जहां एक तरफ कुछ तेलों के दाम बढ़ रहे हैं, वहीं मूंगफली तेल के दामों में गिरावट देखने को मिली है। इसकी वजह इसकी ऊंची कीमतें हैं, जिसके चलते इसकी मांग कमजोर हो गई। बाजार में इसकी कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी नीचे पहुंच गई हैं, जो किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
Edible Oil Price एक नजर में
| तेल/तिलहन | भाव | साप्ताहिक बदलाव |
|---|---|---|
| सरसों दाना | ₹7,000 – ₹7,025 | +₹160 |
| सरसों तेल | ₹14,350 | +₹150 |
| सोयाबीन दाना | ₹6,525 – ₹6,575 | +₹375 |
| सोयाबीन तेल | ₹16,000 | स्थिर |
| पामोलीन | ₹15,450 | +₹100 |
| मूंगफली | ₹6,650 – ₹7,125 | -₹100 |
| मूंगफली तेल | ₹15,750 | -₹250 |
बाजार में सावधानी भी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में कुछ सटोरिये भी सक्रिय हैं, जो किसानों को भ्रमित करके कम दाम में फसल खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।
आगे क्या रहेगा रुझान
आने वाले दिनों में अगर मांग इसी तरह बनी रहती है, तो सरसों और पाम तेल की कीमतों में और सुधार देखने को मिल सकता है। वहीं मूंगफली तेल की कीमतें मांग के अनुसार ऊपर-नीचे हो सकती हैं।
उपभोक्ताओं और किसानों दोनों पर असर

इन बदलती कीमतों का असर जहां उपभोक्ताओं के बजट पर पड़ता है, वहीं किसानों की आय भी इससे प्रभावित होती है। इसलिए बाजार की हर हलचल पर नजर रखना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख बाजार की उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। कीमतें समय और स्थान के अनुसार बदल सकती हैं।
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