India US trade deal: भारत और अमेरिका के बीच India US trade deal को लेकर एक बार फिर सियासी और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। हाल ही में अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन न करने की वजह से व्यापार समझौता अटक गया। भारत ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे “तथ्यों से दूर” बताया है।
India US Trade Deal पर क्या है पूरा विवाद

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कहा कि भारत और अमेरिका फरवरी से ही एक संतुलित और आपसी हितों वाले व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच कई दौर की चर्चा हो चुकी है और कई बार समझौता लगभग तय होने की स्थिति में भी पहुंचा है। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि पीएम मोदी और ट्रंप के बीच पिछले साल आठ बार बातचीत हुई थी, जिसमें व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई।
ट्रंप प्रशासन और टैरिफ का दबाव
India US trade deal व्यापार वार्ता रुकने के बाद अगस्त में अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगा दिए थे। इसमें रूस से तेल खरीदने को लेकर अतिरिक्त पेनल्टी भी शामिल थी। इसके बावजूद भारत का अमेरिका को निर्यात नवंबर में सालाना आधार पर 22% से ज्यादा बढ़ा। यह दिखाता है कि टैरिफ के बावजूद व्यापारिक रिश्ते पूरी तरह टूटे नहीं हैं।
कृषि और तेल बना सबसे बड़ा रोड़ा

अमेरिका भारत के कृषि क्षेत्र में ज्यादा पहुंच चाहता है, जबकि भारत अपने किसानों के हितों को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। वहीं रूस से तेल आयात का मुद्दा भी तनाव का कारण बना हुआ है, हालांकि भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा है। India-US trade deal अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है, लेकिन दोनों देश बातचीत के रास्ते पर बने हुए हैं। आने वाले महीनों में इस पर नई प्रगति देखने को मिल सकती है।
Disclaimer: यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। नीतिगत फैसलों में समय के साथ बदलाव संभव है।
Also Read





