Germany Chancellor Friedrich Merz ने सोमवार को संकेत दिया कि European Union और India जनवरी के अंत तक एक महत्वपूर्ण free trade agreement पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। यह कदम वैश्विक व्यापार को नया रूप देने की क्षमता रखता है, खासकर उस समय जब protectionism बढ़ रहा है और U.S.-India trade talks रुक गए हैं।
बातचीत और प्रमुख मुद्दे

Merz और PM Narendra Modi के बीच Ahmedabad में हुई बैठक के बाद बातचीत को “बहुत intensive” बताया गया। EU कार, medical devices, wine, spirits और meat पर tariff cuts चाहता है, जबकि India labour-intensive goods पर duty-free access और auto व electronics sectors में तेजी चाहता है। दोनों देशों ने minerals, healthcare और artificial intelligence में भी समझौते किए।
वैश्विक व्यापार पर असर
यह EU India pact यूरोप को चीन और रूस पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा। हाल ही में EU ने Mercosur group के साथ भी trade agreement किया है। Merz ने कहा कि दुनिया में “unfortunate protectionism” की renaissance हो रही है, जिससे दोनों देशों का व्यापार प्रभावित हो रहा है।
सुरक्षा और ऊर्जा मुद्दे

Germany ने India को रूस पर निर्भरता कम करने के लिए भी कहा। India अभी भी अपनी military equipment के लिए रूस पर निर्भर है और यह रूस का एक बड़ा gas और oil खरीदार है। Merz ने समझाया कि India की स्थिति सरल नहीं है और इसे देखते हुए बातचीत को सकारात्मक रखा गया। यदि EU India जनवरी तक trade deal पर सहमति बना लेते हैं, तो यह दोनों देशों के लिए आर्थिक और वैश्विक व्यापार के लिहाज से बड़ा कदम साबित होगा।
Disclaimer: यह आर्टिकल केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। वास्तविक व्यापार समझौते और नियमों के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।
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