Gold Price: सोने की कीमतों में 17 फरवरी 2026 को वायदा कारोबार के दौरान नरमी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोर रुझान और मुनाफावसूली के चलते घरेलू वायदा बाजार में सोने के दाम फिसल गए। निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, अमेरिकी महंगाई आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की आगे की नीति पर बनी हुई है।
17 फरवरी को MCX पर Gold Price में गिरावट

17 फरवरी 2026 को Multi Commodity Exchange (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना ₹589 यानी करीब 0.38 प्रतिशत गिरकर ₹1,55,306 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस दौरान सोने में लगभग 7,695 लॉट्स का कारोबार दर्ज किया गया, जिससे बाजार में सक्रियता बनी रही। विशेषज्ञों के मुताबिक, हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसका असर सीधे वायदा कीमतों पर देखने को मिला।
Global Market में 17 फरवरी को Gold का हाल
Gold Price अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी 17 फरवरी 2026 को सोने की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई। न्यूयॉर्क में Comex पर अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना $24.31 या 0.48 प्रतिशत टूटकर करीब $5,021.99 प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
सीनियर रिसर्च एनालिस्ट IndusInd Securities से जुड़े जिगर त्रिवेदी के अनुसार, कमजोर अमेरिकी CPI महंगाई आंकड़ों के बाद पिछले सत्र में आई तेज बढ़त के बाद अब सोने की कीमतें $5,000 प्रति औंस के आसपास स्थिर होने की कोशिश कर रही हैं।
17 फरवरी को Geopolitical Risk से मिला Support
कमोडिटी बाजार के जानकार Motilal Oswal Financial Services के एनालिस्ट मानव मोदी का कहना है कि 17 फरवरी 2026 को भी वैश्विक भू-राजनीतिक जोखिम ऊंचे बने हुए हैं। मध्य पूर्व में तनाव और ईरान परमाणु समझौते को लेकर अनिश्चितता के कारण सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर समर्थन मिल रहा है।
Gold Price इसके साथ ही अमेरिका की टैरिफ नीति को लेकर बनी आशंकाएं और फेडरल रिजर्व की भविष्य की रणनीति पर सवाल भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं।
China Demand और 17 फरवरी का Market Sentiment
मानव मोदी के अनुसार, 17 फरवरी 2026 को सोना लगभग एक महीने बाद पहली बार डिस्काउंट पर ट्रेड करता दिखा, जबकि चीन में फिजिकल डिमांड मजबूत बनी हुई है। शंघाई वेयरहाउस में सोने का स्टॉक 100 टन के पार पहुंच चुका है, जो मजबूत खरीदारी का संकेत देता है। हालांकि, अमेरिकी बाजार राष्ट्रपति दिवस की छुट्टी के कारण बंद रहे, जबकि चीन में लूनर न्यू ईयर के चलते ट्रेडिंग गतिविधियां सीमित रहीं।
आगे क्या देखेंगे निवेशक?

17 फरवरी 2026 के बाद निवेशकों की नजर अमेरिका के Personal Consumption Expenditures (PCE) महंगाई आंकड़ों और Federal Open Market Committee (FOMC) की बैठक के मिनट्स पर टिकी हुई है। इन आंकड़ों से आगे सोने की कीमतों की दिशा तय हो सकती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि महंगाई से जुड़े आंकड़े कमजोर रहते हैं, तो सोने को फिर से मजबूती मिल सकती है।
17 फरवरी 2026 को सोने की कीमतों में आई गिरावट का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों का कमजोर रुझान रहा। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत भौतिक मांग के चलते लंबी अवधि में सोने को समर्थन मिल सकता है। निवेशकों के लिए फिलहाल सतर्क रहना और बाजार के संकेतों पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई सोने की कीमतें और बाजार से जुड़े आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें। लेखक या प्लेटफॉर्म किसी भी प्रकार के लाभ या हानि की जिम्मेदारी नहीं लेता।
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