Holashtak: होली का पर्व जितना रंगों और उल्लास का प्रतीक है, उतना ही इसके पहले का समय आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। होली से आठ दिन पहले शुरू होने वाला Holashtak धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एक संवेदनशील काल होता है, जिसमें विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
लेकिन ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का कहना है कि होलाष्टक शुरू होने से पहले किया गया सही उपाय व्यक्ति की किस्मत का रुख बदल सकता है। यह समय विशेष साधना, आत्मचिंतन और ग्रह दोष शांति के लिए बेहद प्रभावशाली माना गया है।
Holashtak 2026 कब से शुरू हो रहे हैं?

इस वर्ष 24 फरवरी 2026 से होलाष्टक की शुरुआत हो रही है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से लेकर पूर्णिमा तक आठ दिनों का यह काल रहता है। मान्यता है कि इन आठ दिनों में आठ ग्रह उग्र अवस्था में रहते हैं, इसलिए सामान्य शुभ कार्य रोक दिए जाते हैं।
Holashtak से पहले किए गए उपाय क्यों होते हैं असरदार?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, होलाष्टक शुरू होने से पहले यदि कुछ पारंपरिक और शास्त्रसम्मत उपाय कर लिए जाएं, तो
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धन से जुड़ी अड़चनें दूर होती हैं
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करियर और व्यवसाय में आ रही रुकावटें कम होती हैं
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पारिवारिक और मानसिक तनाव से राहत मिलती है
यही वजह है कि इस समय को भाग्य परिवर्तन का अवसर माना जाता है।
Holashtak धन लाभ के लिए सूखे कुएं का उपाय
ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि यदि कोई व्यक्ति सूखे कुएं के पास जाकर एक दीपक जलाता है, तो इससे नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है।
यह उपाय अचानक धन लाभ के योग बनाने में सहायक माना जाता है।
ध्यान रखने योग्य बातें:
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दीपक हमेशा शाम या रात में ही जलाएं
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दीपक जलाने के बाद पीछे मुड़कर न देखें
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मन में किसी भी प्रकार का भय या संदेह न रखें
पीपल वृक्ष का उपाय बदल सकता है आर्थिक स्थिति
Holashtak से पहले पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
उपाय करने की विधि:
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लोहे के लोटे में जल लें
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उसमें थोड़ा सा दूध, घी और चीनी मिलाएं
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पीपल के वृक्ष की छाया में खड़े होकर जल अर्पित करें
ऐसा करने से धन से जुड़ी समस्याएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं। इसके साथ ही पीपल के वृक्ष पर सफेद रंग की ध्वजा लगाना भी विशेष फलदायी माना गया है।
आत्मचिंतन और साधना का श्रेष्ठ समय
होलाष्टक के दौरान भले ही मांगलिक कार्य वर्जित हों, लेकिन यह समय
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मंत्र जाप
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ध्यान
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दान-पुण्य
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ग्रह शांति उपाय

के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान की गई साधना लंबे समय तक सकारात्मक प्रभाव देती है। होलाष्टक को केवल अशुभ समय मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। यदि होलाष्टक से पहले सही उपाय कर लिए जाएं, तो यह समय जीवन में नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। धन, संपत्ति और मानसिक शांति की चाह रखने वालों के लिए यह अवसर बेहद खास है।
Disclaimer: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय जानकारियों पर आधारित है। किसी भी उपाय को करने से पहले अपनी परिस्थिति और आस्था के अनुसार निर्णय लें। लेखक या प्रकाशक इसकी वैज्ञानिक पुष्टि का दावा नहीं करता।
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