AI as Promotion Metric: वर्कप्लेस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका अब केवल एक तकनीकी सुविधा तक सीमित नहीं रही। ग्लोबल कंसल्टिंग कंपनी Accenture ने अपने सीनियर स्टाफ को स्पष्ट संकेत दिया है कि आंतरिक AI टूल्स का नियमित इस्तेमाल अब लीडरशिप प्रमोशन का अहम पैमाना बनेगा। यह कदम दिखाता है कि AI स्किल्स कितनी तेजी से प्रोफेशनल योग्यता का मूल हिस्सा बनती जा रही हैं।
प्रमोशन में AI टूल्स की सीधी भूमिका
Financial Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Accenture ने एसोसिएट डायरेक्टर्स और सीनियर मैनेजर्स को बताया है कि कंपनी के AI प्लेटफॉर्म्स का “नियमित उपयोग” उनके करियर प्रोग्रेशन के आकलन में शामिल किया जाएगा।

आंतरिक नोट में यह भी कहा गया है कि डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल अब “talent discussions का visible input” होगा। सरल शब्दों में कहें तो AI से दूरी बनाने वाले प्रोफेशनल्स के लिए आगे बढ़ने का रास्ता कठिन हो सकता है।
AI-first Strategy पर तेजी से आगे बढ़ रही Accenture
AI as Promotion Metric यह नीति ऐसे समय आई है जब Accenture अपने बिजनेस मॉडल को AI-led ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में ढाल रही है। कंपनी एक तरफ अपने ऑपरेशंस को री-स्ट्रक्चर कर रही है, तो दूसरी ओर इंडस्ट्री की सबसे बड़ी corporate reskilling initiatives में से एक को अंजाम दे रही है।
Accenture खुद को एक ऐसे टेक्नोलॉजी-ड्रिवन पार्टनर के रूप में पेश करना चाहती है, जो क्लाइंट्स को automation, data-led decision-making और generative AI के दौर में आगे ले जा सके।
CEO Julie Sweet का फोकस Large-scale Reskilling
Accenture की CEO Julie Sweet पहले ही साफ कर चुकी हैं कि बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को दोबारा प्रशिक्षित करना कंपनी की रणनीति का केंद्र है। अब तक लाखों कर्मचारियों को generative AI की बेसिक ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
AI as Promotion Metric करीब 7.8 लाख कर्मचारियों वाली इस ग्लोबल वर्कफोर्स को नए बाजार की जरूरतों के मुताबिक ढालना आसान नहीं है। कंपनी ने यह भी स्वीकार किया है कि समय की कमी के कारण कुछ जगहों पर workforce adjustments जरूरी हो सकते हैं, खासकर वहां जहां reskilling के स्पष्ट रास्ते नहीं हैं।
OpenAI सहित बड़े AI प्लेयर्स से साझेदारी
AI as Promotion Metric इन-हाउस AI क्षमताओं को मजबूत करने के लिए Accenture ने कई बड़े टेक पार्टनर्स के साथ सहयोग किया है। इसमें OpenAI, Anthropic और Palantir Technologies जैसी कंपनियां शामिल हैं।
इन साझेदारियों का मकसद conversational AI, large language models और advanced analytics को सीधे कंसल्टिंग वर्कफ्लो में शामिल करना है, न कि AI को सिर्फ एक अलग तकनीकी विभाग तक सीमित रखना।
Big Tech में चल रहे बड़े बदलाव का हिस्सा
Accenture का यह कदम किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं है। Microsoft, Meta Platforms और Google जैसी दिग्गज कंपनियां भी कर्मचारियों को रोजमर्रा के काम में AI अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।
Google के CEO Sundar Pichai तक सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि जो प्रोफेशनल्स AI को अपनाने में पीछे रहेंगे, वे आने वाले समय में प्रतिस्पर्धा से बाहर हो सकते हैं।
AI अब विकल्प नहीं, आवश्यकता है

AI as Promotion Metric जहां पहले डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का मतलब cloud, coding या data literacy होता था, वहीं अब generative AI सीधे संगठनात्मक संस्कृति का हिस्सा बनता जा रहा है। Accenture का फैसला इस बदलाव की सबसे मजबूत मिसाल है। आज AI सीखना सिर्फ स्किल अपग्रेड नहीं, बल्कि करियर में आगे बढ़ने की शर्त बन चुका है।
Disclaimer: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्ट्स और मीडिया स्रोतों पर आधारित है। कंपनी की आंतरिक नीतियों में समय के साथ बदलाव संभव है। किसी भी करियर से जुड़े निर्णय से पहले आधिकारिक घोषणाओं और विशेषज्ञ सलाह पर भरोसा करना चाहिए।
Also Read
भारत को AI सुपरपावर बनाने की दिशा में बड़ा कदम L&T और NVIDIA की Sovereign AI फैक्ट्री पहल
AI Summit 2026 के चलते दिल्ली में ट्रैफिक का तांडव, घर से निकलने से पहले ये एडवाइजरी जरूर पढ़ें
OpenAI–TCS Partnership: भारत में AI क्रांति की बड़ी शुरुआत, मुंबई और बेंगलुरु में खुलेंगे नए ऑफिस





