कमोडिटी बाजार में इस समय हलचल तेज़ होती दिख रही है। पिछले एक सप्ताह में Gold futures और Silver futures दोनों ने मजबूती के संकेत दिए हैं, जिससे निवेशकों की नजरें एक बार फिर बुलियन मार्केट पर टिक गई हैं। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों बाजारों में कीमतों में आई तेजी यह इशारा कर रही है कि आने वाले दिनों में एक नया रैली फेज शुरू हो सकता है।
International Market में Gold और Silver का प्रदर्शन
अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो बीते सप्ताह Gold price करीब $5,104 प्रति औंस पर पहुंच गया, जिसमें लगभग 1.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। वहीं Silver price ने ज्यादा दमदार प्रदर्शन करते हुए $84.60 प्रति औंस का स्तर छू लिया और इसमें करीब 9.3 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।

यह तेजी बताती है कि वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश (Safe Haven Assets) की मांग एक बार फिर बढ़ रही है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और आर्थिक संकेतों के चलते निवेशक सोना और चांदी की ओर रुख कर रहे हैं।
Domestic Market में Gold Futures और Silver Futures की चाल
घरेलू बाजार में भी इसी ट्रेंड की झलक दिखी। Gold futures price लगभग ₹1,56,876 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जिसमें करीब 0.6 प्रतिशत की बढ़त रही। वहीं Silver futures ने निवेशकों को बेहतर रिटर्न देते हुए ₹2,52,944 प्रति किलोग्राम का स्तर छुआ और इसमें लगभग 3.5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। घरेलू फ्यूचर्स मार्केट में यह मजबूती इस बात का संकेत है कि मांग बनी हुई है और निवेशक लंबी अवधि के लिए पोजीशन बना रहे हैं।
Gold Futures Technical Analysis: ब्रेकआउट के करीब?
तकनीकी नजरिए से देखें तो Gold futures (April contract) पिछले एक सप्ताह से ₹1,50,000 से ₹1,61,000 के दायरे में कारोबार कर रहा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिल रहे पॉजिटिव संकेत यह इशारा कर रहे हैं कि मौजूदा स्तर से एक नई तेजी शुरू हो सकती है।
अगर गोल्ड ₹1,61,000 के मजबूत रेजिस्टेंस को तोड़ने में सफल होता है, तो अगले चरण में ₹1,70,000 तक की रैली देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर, अगर कीमत गिरकर ₹1,50,000 के सपोर्ट लेवल से नीचे फिसलती है, तो बाजार का मूड कमजोर हो सकता है।
Silver Futures में क्यों दिख रही है ज्यादा मजबूती?
Silver futures में गोल्ड की तुलना में ज्यादा तेजी देखी जा रही है। इसकी एक बड़ी वजह इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेश दोनों का साथ-साथ बढ़ना है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में चांदी की मांग बढ़ रही है, जिसका असर कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहता है, तो सिल्वर आने वाले समय में गोल्ड से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?
जो निवेशक Gold futures और Silver futures में निवेश की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह समय सतर्कता और समझदारी दोनों की मांग करता है। ब्रेकआउट के संकेत मजबूत हैं, लेकिन सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर नजर रखना जरूरी है। लंबी अवधि के निवेशक चरणबद्ध तरीके से एंट्री पर विचार कर सकते हैं, जबकि शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को वोलैटिलिटी का ध्यान रखना चाहिए।

कुल मिलाकर, मौजूदा Bullion cues यह संकेत दे रहे हैं कि गोल्ड और सिल्वर दोनों में आगे तेजी की संभावना बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की मजबूती और घरेलू फ्यूचर्स में स्थिर खरीदारी इस ट्रेंड को सपोर्ट कर रही है। आने वाले सत्रों में ब्रेकआउट की दिशा तय होगी, जो बुलियन मार्केट के अगले मूवमेंट का आधार बनेगी।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और बाजार विश्लेषण के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। कमोडिटी बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
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