Couple Friendly: तेलुगु सिनेमा में रोमांटिक ड्रामा अक्सर या तो बहुत फिल्मी होता है या फिर जरूरत से ज्यादा उपदेशात्मक। लेकिन Couple Friendly इन दोनों रास्तों से हटकर एक ऐसी प्रेम कहानी पेश करती है, जो आज की पीढ़ी के रिश्तों को ईमानदारी से दिखाती है। निर्देशक अश्विन चंद्रशेखर की यह पहली फिल्म सादगी, भावनात्मक गहराई और यथार्थ के बीच एक संतुलित सफर तय करती है।
चेन्नई की पृष्ठभूमि में बुनी गई नई पीढ़ी की कहानी

कभी तेलुगु फिल्मों का अहम हिस्सा रहा चेन्नई अब कम ही कहानियों का केंद्र बनता है। Couple Friendly इस शहर को सिर्फ बैकड्रॉप नहीं, बल्कि किरदारों के जीवन का अहम हिस्सा बनाती है। कहानी दो युवाओं की है, जो अपने-अपने शहरों से निकलकर चेन्नई आते हैं खुद को साबित करने और अपने फैसले खुद लेने के लिए।
कहानी जब टूटे सपनों के बीच रिश्ते पनपते हैं
सिवा (संतोष शोभन) नेल्लोर से आया एक युवा है, जो कंज़र्वेटिव परिवार के दबाव और करियर की अनिश्चितता से जूझ रहा है। वहीं मित्रा (मानसा वाराणसी) चित्तूर की रहने वाली है, जो नौकरी की उम्मीद में चेन्नई आई है लेकिन हालात उसे वापस घर और तय शादी की ओर धकेल रहे हैं।
संयोग से दोनों एक ही घर में रूममेट बन जाते हैं तब, जब ज़िंदगी उनके लिए सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही होती है। यहीं से एक ऐसा रिश्ता जन्म लेता है, जो पहले दोस्ती, फिर समझ और आखिरकार प्यार में बदलता है।
Live-In Relationship को बिना जज किए दिखाने की ईमानदार कोशिश
फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष यह है कि यह live-in relationship को न तो महिमामंडित करती है और न ही नैतिकता के तराजू पर तौलती है। सिवा और मित्रा के बीच बढ़ती नज़दीकियां, छोटी-छोटी बातचीत, एक ही कमरे में रहने से उपजती भावनाएं सब कुछ बेहद नेचुरल तरीके से दिखाया गया है। जैसे-जैसे रिश्ता आगे बढ़ता है, प्राथमिकताएं बदलती हैं, ईगो क्लैश होते हैं और असहमति सामने आती है ठीक वैसे ही, जैसे असल जिंदगी में होता है।
साइड स्टोरीज़ जो फिल्म को और गहराई देती हैं
फिल्म सिर्फ मुख्य जोड़ी तक सीमित नहीं रहती। मित्रा की दोस्त प्रीति की कहानी जो उम्र में काफी बड़े व्यक्ति से प्यार करती है समाज के बनाए रिश्तों के पैमानों पर सवाल खड़े करती है। यह ट्रैक फिल्म को और ज्यादा परिपक्व बनाता है और दिखाता है कि प्यार का कोई तय फार्मूला नहीं होता।
अभिनय और निर्देशन सादगी में ही ताकत
संतोष शोभन और मानसा वाराणसी दोनों ही अपने किरदारों में सहज नजर आते हैं। उनके अभिनय में बनावट नहीं, बल्कि अनुभव की झलक मिलती है। निर्देशक अश्विन चंद्रशेखर ने पहली ही फिल्म में यह साबित कर दिया है कि मजबूत कहानी और संवेदनशील नजर से बिना शोर-शराबे के भी प्रभावशाली सिनेमा बनाया जा सकता है।
क्यों देखें ‘Couple Friendly’?

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अगर आपको modern relationship drama पसंद है
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अगर आप realistic love stories से जुड़ाव महसूस करते हैं
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अगर आप ऐसे सिनेमा की तलाश में हैं जो रिश्तों को जज नहीं, समझने की कोशिश करता है
तो Couple Friendly आपके लिए एक सटीक विकल्प है। Couple Friendly एक शांत, परिपक्व और दिल को छू लेने वाली फिल्म है, जो आज की पीढ़ी के रिश्तों को बिना किसी लेबल के पेश करती है। यह फिल्म शोर नहीं मचाती, बल्कि धीरे-धीरे भीतर उतरती है और शायद यही इसकी सबसे बड़ी खूबी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख 19 फरवरी 2026 को उपलब्ध जानकारी और फिल्म की समीक्षा पर आधारित है। लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी हैं। दर्शकों से अनुरोध है कि फिल्म देखने से पहले अपनी पसंद और समझ के अनुसार निर्णय लें।
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