Iran Student Protests: ईरान में एक बार फिर असंतोष की चिंगारी तेज़ होती दिख रही है। देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों में छात्रों ने सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए हैं। यह पिछले महीने हुए जानलेवा सरकारी दमन के बाद पहला बड़ा और संगठित छात्र आंदोलन माना जा रहा है, जिसने ईरानी हुकूमत की चिंता बढ़ा दी है।
तेहरान के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में गूंजे सरकार विरोधी नारे
राजधानी Tehran स्थित Sharif University of Technology में छात्रों ने नए सेमेस्टर की शुरुआत के साथ शांतिपूर्ण मार्च निकाला। छात्रों के हाथों में ईरानी झंडे थे और वे “तानाशाह को मौत” जैसे नारे लगा रहे थे, जो सीधे तौर पर सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की ओर इशारा करते हैं।

Iran Student Protests प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद सरकार समर्थक समूहों के साथ छात्रों की झड़प की भी खबरें सामने आई हैं, हालांकि अभी तक बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों की पुष्टि नहीं हुई है।
अन्य शहरों में भी दिखा विरोध का असर
तेहरान के अलावा Mashhad, जो ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है, वहां भी छात्रों ने “Freedom, Freedom” और “Students, raise your voice for your rights” जैसे नारे लगाए। इसके साथ ही राजधानी के शाहिद बेहेश्ती और अमीर कबीर यूनिवर्सिटी में भी शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन दर्ज किए गए हैं। इन प्रदर्शनों के बाद रविवार को और रैलियों की अपील की गई है, जिससे साफ है कि यह आंदोलन यहीं थमने वाला नहीं है।
जनवरी के दमन में मारे गए लोगों की याद में प्रदर्शन
Iran Student Protests छात्र इन प्रदर्शनों के जरिए जनवरी में हुए व्यापक जन आंदोलन में मारे गए हजारों लोगों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन के मुताबिक, उस दौरान 6,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जिनमें बड़ी संख्या आम प्रदर्शनकारियों और बच्चों की भी बताई गई है। वहीं, ईरानी सरकार का दावा है कि अधिकतर मौतें सुरक्षा बलों या हिंसक घटनाओं में शामिल लोगों की हुईं।
अमेरिका-ईरान तनाव और परमाणु मुद्दा
Iran Student Protests इन छात्र आंदोलनों के बीच ईरान और United States के रिश्तों में भी तनाव बना हुआ है। अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों को आशंका है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हालांकि ईरान लगातार इससे इनकार करता रहा है।
हाल ही में स्विट्ज़रलैंड में अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत हुई है। इसके बावजूद अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि आने वाले कुछ दिनों में यह साफ हो जाएगा कि समझौता होगा या फिर सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुना जाएगा।
ईरान के अंदर और बाहर बंटी विपक्ष की राय
ईरान के निर्वासन में रह रहे कुछ विपक्षी गुट अमेरिका से सीधे सैन्य हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, ताकि मौजूदा सरकार को जल्दी हटाया जा सके। वहीं, कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय समूह किसी भी बाहरी दखल के खिलाफ हैं। सोशल मीडिया पर दोनों पक्ष अपने-अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए लगातार सूचना युद्ध भी चला रहे हैं।
क्या फिर से बड़े आंदोलन की ओर बढ़ रहा है ईरान?

विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों का यह उभार केवल शैक्षणिक असंतोष नहीं है, बल्कि यह आर्थिक संकट, राजनीतिक दमन और अभिव्यक्ति की आज़ादी की मांग से जुड़ा व्यापक संकेत है। आने वाले दिनों में अगर यह आंदोलन और तेज़ होता है, तो ईरान की आंतरिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय समीकरण दोनों पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।
Disclaimer: यह लेख अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है। घटनाक्रम समय के साथ बदल सकता है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक बयानों और विश्वसनीय स्रोतों की पुष्टि आवश्यक है।
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