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Nanda Gaura Yojana का पैसा जारी 33 हजार से ज्यादा बेटियों को मिले ₹145.93 करोड़, खाते में पहुंची सहायता

By: Abhinav Prajapati

On: Thursday, February 26, 2026 4:33 PM

Nanda Gaura Yojana
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Nanda Gaura Yojana हेलो दोस्तों, अगर बात बेटियों के भविष्य की हो और सरकार खुद आगे बढ़कर उनका साथ दे, तो भरोसा और उम्मीद दोनों मजबूत हो जाते हैं। उत्तराखंड की नंदा गौरा योजना ने एक बार फिर यही साबित किया है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत प्रदेश की 33 हजार से ज्यादा बेटियों के खातों में सीधे 145.93 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई है। यह पैसा डीबीटी के जरिए लाभार्थियों तक पहुंचा है, जिससे हजारों परिवारों के चेहरों पर राहत और खुशी साफ दिखाई दे रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया बेटियों के सम्मान का अभियान

Nanda Gaura Yojana

Nanda Gaura Yojana देहरादून में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नंदा गौरा योजना सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन की मजबूत नींव है। उनका कहना था कि जब बेटियां सुरक्षित और शिक्षित होंगी, तभी समाज और राज्य सही मायनों में आगे बढ़ पाएगा।

जन्म से शिक्षा तक बेटियों के साथ खड़ी सरकार

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने इस मौके पर कहा कि वर्ष 2017 से संचालित यह योजना बेटियों के जीवन के हर अहम पड़ाव पर सहारा बन रही है। जन्म के समय प्रोत्साहन से लेकर उच्च शिक्षा तक सरकार लगातार साथ निभा रही है। उन्होंने बताया कि बालिका के जन्म पर 11 हजार रुपये और 12वीं पास कर उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने पर 51 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, ताकि बेटियां आत्मनिर्भर बन सकें और अपने सपनों को पूरा कर सकें।

सामाजिक बदलाव की दिशा में मजबूत कदम

Nanda Gaura Yojana रेखा आर्या ने यह भी कहा कि नंदा गौरा योजना बाल विवाह रोकने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों पर लगाम लगाने में असरदार साबित हुई है। यह योजना समाज में लैंगिक असमानता को खत्म करने की दिशा में एक ठोस पहल है, जो बेटियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा दोनों दे रही है।

हर जिले तक पहुंचा योजना का लाभ

इस वित्तीय वर्ष में योजना का लाभ उत्तराखंड के सभी जिलों में बेटियों तक पहुंचा है। अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चम्पावत, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी, ऊधमसिंहनगर और उत्तरकाशी जैसे जिलों में जन्म के समय और 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद हजारों बालिकाओं को सहायता मिली है। कुल मिलाकर 5,913 बालिकाओं को जन्म के समय और 27,338 बालिकाओं को 12वीं के बाद सहायता दी गई, जिससे कुल लाभार्थियों की संख्या 33,251 तक पहुंच गई।

बेटियों के भविष्य में किया गया निवेश

145.93 करोड़ रुपये की यह राशि सिर्फ आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य में किया गया निवेश है। इससे न केवल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि परिवारों में बेटियों को लेकर सकारात्मक सोच भी और मजबूत होगी।

Nanda Gaura Yojana

Nanda Gaura Yojana आज उत्तराखंड में बेटियों के लिए भरोसे का नाम बन चुकी है। यह योजना दिखाती है कि अगर नीति और नीयत सही हो, तो सामाजिक बदलाव संभव है। बेटियों को सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा देने की यह पहल आने वाले समय में राज्य की तस्वीर बदलने में बड़ी भूमिका निभाएगी।

डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सरकारी जानकारी और समाचार रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। योजना से जुड़ी शर्तें, लाभ और राशि समय के साथ बदल सकती हैं। किसी भी आधिकारिक निर्णय से पहले संबंधित विभाग या सरकारी पोर्टल से पुष्टि अवश्य करें।

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