PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana देश में बिजली व्यवस्था और सोलर एनर्जी को लेकर एक अहम खबर सामने आई है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं और बिजली कंपनियों के कामकाज की अब गहराई से जांच होने जा रही है। Comptroller and Auditor General of India यानी CAG ने बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) और Pradhan Mantri Surya Ghar Muft Bijli Yojana के प्रदर्शन और वित्तीय स्थिति का ऑडिट शुरू करने का फैसला किया है।
क्यों अहम है यह ऑडिट

CAG की ओर से यह जानकारी एक राष्ट्रीय पावर सेक्टर कॉन्फ्रेंस के दौरान दी गई। इस ऑडिट के तहत डिस्कॉम्स की ऑपरेशनल और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का “हॉरिजॉन्टल परफॉर्मेंस ऑडिट” किया जाएगा। साथ ही पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की भी अलग से परफॉर्मेंस ऑडिट होगी। इसका मकसद यह समझना है कि ये योजनाएं और कंपनियां जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी हैं और सरकारी संसाधनों का सही इस्तेमाल हो रहा है या नहीं।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana यह योजना Narendra Modi ने 13 फरवरी 2024 को लॉन्च की थी। इसका मुख्य लक्ष्य देश के घरों को रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना है। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा परिवार सोलर एनर्जी से जुड़ें, जिससे बिजली का खर्च घटे और पर्यावरण को भी फायदा हो।
पावर सेक्टर के भविष्य पर CAG की नजर
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए CAG के प्रमुख के. संजय मूर्ति ने कहा कि इस तरह की बैठकों का मकसद पावर सेक्टर में नए और बेहतर विचार सामने लाना है। उन्होंने साफ किया कि ऑडिट प्लान को इस सेक्टर की मौजूदा जरूरतों और भविष्य के लक्ष्यों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार का विजन है कि देश में प्रति व्यक्ति बिजली खपत को 2030 तक मौजूदा 1,460 यूनिट से बढ़ाकर 2,000 यूनिट और 2047 तक 4,000 यूनिट तक ले जाया जाए। इसके लिए जरूरी है कि बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन—तीनों एक साथ और बेहतर तरीके से काम करें।
रिन्यूएबल एनर्जी की बढ़ती भूमिका
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana इस सम्मेलन में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में रिन्यूएबल एनर्जी ने भारत की ऊर्जा यात्रा में बेहद अहम भूमिका निभाई है। सोलर और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की वजह से देश न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रहा है, बल्कि पर्यावरण संतुलन की दिशा में भी मजबूत कदम उठा रहा है।
बड़े अधिकारियों और संस्थानों की मौजूदगी
CAG कार्यालय द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के पावर सेक्टर से जुड़े कई बड़े अधिकारी शामिल हुए। इसमें बिजली नियामक आयोग, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के प्रमुख, NTPC, NHPC, SECI, PFC, Grid-India और PGCIL जैसे बड़े सार्वजनिक उपक्रमों के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहे। इससे साफ है कि सरकार और CAG दोनों ही पावर सेक्टर को लेकर गंभीर हैं।
आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana इस ऑडिट का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। अगर डिस्कॉम्स की कार्यप्रणाली में सुधार होता है और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सही ढंग से लागू होती है, तो भविष्य में बिजली आपूर्ति ज्यादा भरोसेमंद हो सकती है और सोलर एनर्जी को अपनाना और आसान हो जाएगा।
Disclaimer: यह लेख सरकारी बयानों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। ऑडिट से जुड़े निष्कर्ष और प्रभाव भविष्य में जारी होने वाली आधिकारिक रिपोर्ट्स पर निर्भर करेंगे। किसी भी योजना से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए संबंधित सरकारी अधिसूचनाओं को जरूर देखें।
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