Trump Tariff Setback: अमेरिकी राजनीति और वैश्विक व्यापार से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। Donald Trump की टैरिफ नीति को अमेरिका की Supreme Court से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए कई टैरिफ को अवैध करार देते हुए साफ कहा है कि अमेरिका में टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, बल्कि संसद को है। इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब India को US exports पर कितना tariff देना होगा?
Supreme Court का फैसला क्यों है अहम?

Trump Tariff Setback सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रपति अपने स्तर पर मनमाने ढंग से आयात शुल्क नहीं लगा सकता। कोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने जिन टैरिफ का ऐलान किया था, वे संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बिना लागू किए गए थे। इस फैसले के बाद ट्रंप की आक्रामक US tariff policy पर कानूनी रोक लग गई है और वैश्विक व्यापार को लेकर नई स्थिति बन गई है।
Trump Tariff Policy: India पर कब कितना टैक्स लगा?
Trump Tariff Setback ट्रंप के कार्यकाल में India-US trade लगातार उतार-चढ़ाव से गुजरा।
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शुरुआत में भारत पर 25% reciprocal tariff लगाया गया
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बाद में इसे बढ़ाकर 50% कर दिया गया, जिसमें रूस से तेल खरीद और यूक्रेन युद्ध को लेकर आरोप वजह बने
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इसके बाद India-US trade deal के दौरान इसे घटाकर 18% किया गया
अब Supreme Court के फैसले के बाद यह 18% वाला टैरिफ अमान्य माना जा रहा है।
अब India को कितना Tariff देना होगा?
Trump Tariff Setback यहीं से असली कन्फ्यूजन शुरू होती है। Supreme Court के फैसले के बाद ट्रंप ने नाराज़गी में Section 122 का इस्तेमाल करते हुए 10% Global Tariff का ऐलान किया है।
Trump Tariff Setback अब गणित कुछ इस तरह बनता है:
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पहले India Most Favoured Nation (MFN) स्टेटस के तहत लगभग 3.5% tariff देता था
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अगर नया 10% global tariff लागू होता है
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तो कुल मिलाकर India पर करीब 13.5% tariff बनता है
Trump Tariff Setback यानी 18% के मुकाबले India को राहत तो मिलेगी, लेकिन टैरिफ पूरी तरह खत्म नहीं होगा।
India-US Trade पर क्या पड़ेगा असर?
Trump Tariff Setback इस फैसले से Indian exporters को आंशिक राहत मिल सकती है, खासकर टेक्सटाइल, फार्मा और ऑटो कंपोनेंट सेक्टर में। हालांकि, 10% global tariff लागू रहता है तो लागत पूरी तरह कम नहीं होगी। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि अमेरिका की संसद इस पर क्या रुख अपनाती है और क्या नई ट्रेड पॉलिसी लाई जाती है।
Trade Experts क्या कह रहे हैं?
Trump Tariff Setback ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फैसला भविष्य में अमेरिकी राष्ट्रपतियों की शक्तियों पर भी सीमा तय करेगा। साथ ही, India-US trade relations में अब ज्यादा स्थिरता आने की संभावना है, क्योंकि मनमाने फैसलों पर रोक लगेगी।

Trump tariff setback से भारत को तत्काल बड़ी राहत तो नहीं, लेकिन लंबे समय के लिए एक मजबूत कानूनी आधार जरूर मिला है। अब गेंद अमेरिकी संसद के पाले में है। अगर 10% global tariff भी हटता है, तो India को सिर्फ MFN दर पर ही टैक्स देना होगा, जो भारतीय व्यापार के लिए बड़ी जीत मानी जाएगी।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक जानकारियों पर आधारित है। टैरिफ दरों में बदलाव समय, सरकारी निर्णय और आधिकारिक अधिसूचनाओं के अनुसार हो सकता है। किसी भी व्यापारिक निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत की पुष्टि अवश्य करें।
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