24 फरवरी 2022 की वो सुबह दुनिया शायद कभी नहीं भूलेगी। जब Vladimir Putin ने रूसी टीवी पर आकर यूक्रेन के खिलाफ “special military operation” का ऐलान किया, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह लड़ाई सालों तक चलेगी। कुछ महीनों में खत्म होने की उम्मीद वाला यह युद्ध अब अपने पांचवें साल में प्रवेश कर चुका है और Ukraine की ज़मीन, शहर और आम लोग इसकी सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं।
युद्ध की शुरुआत और टूटती उम्मीदें

Ukraine युद्ध से ठीक पहले रूस ने डोनेट्स्क और लुहान्स्क को स्वतंत्र क्षेत्र मान्यता दी थी। इसके बाद उत्तर से Kyiv की ओर, पूर्व से डोनबास और दक्षिण से क्रीमिया के रास्ते रूसी सेना ने एक साथ हमला किया। मार्च 2022 तक रूस ने यूक्रेन के करीब 27 प्रतिशत इलाके पर कब्जा कर लिया था। लेकिन यह बढ़त ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई।
यूक्रेन की वापसी और बदला हुआ मोर्चा
2022 के दूसरे हिस्से में यूक्रेनी सेना ने ज़बरदस्त जवाबी कार्रवाई की। खारकीव क्षेत्र में रूसी मोर्चे टूटे और Kherson से रूसी सेना को पीछे हटना पड़ा। नवंबर तक यूक्रेन ने लगभग 74,000 वर्ग किलोमीटर इलाका वापस ले लिया था, जिससे रूस का कब्जा करीब 19–20 प्रतिशत तक सिमट गया।
इसके बाद युद्ध एक अलग रूप में बदल गया। 2023 से लड़ाई ज़्यादातर खनिज-समृद्ध डोनबास क्षेत्र तक सीमित हो गई। महीनों की भीषण लड़ाई के बाद रूस ने सोलेदार और बखमुत पर कब्जा किया। 2024 में अवदीवका भी रूसी नियंत्रण में चली गई, लेकिन इसकी कीमत हज़ारों जानें और भारी नुकसान के रूप में चुकानी पड़ी।
Ukraine 2025 तक रूस को कितनी ज़मीन मिली?
2025 तक हालात बहुत धीमी गति से बदले। यूक्रेन के सैन्य प्रमुख Oleksandr Syrskii के अनुसार, रूस पूरे साल में सिर्फ 0.8 प्रतिशत अतिरिक्त ज़मीन ही जीत पाया। डोनेट्स्क के पोक्रोव्स्क इलाके में रोज़ाना औसतन कुछ ही मीटर की बढ़त हो रही थी। दिसंबर की शुरुआत में पोक्रोव्स्क पर कब्जा हुआ, जिसके बाद पास के इलाकों में हिंसा और तेज़ हो गई।
उत्तर में खारकीव क्षेत्र के कुपियांस्क को रूस एक साल तक नहीं ले सका। दिसंबर में यूक्रेन की अचानक जवाबी कार्रवाई ने वहां भी रूसी योजना को झटका दिया।
Ukraine ड्रोन युद्ध जंग का सबसे खतरनाक चेहरा
जैसे-जैसे ज़मीन पर जंग ठहरी, आसमान में युद्ध और भी खतरनाक होता गया। शुरुआत में तोपखाने और मिसाइल हमले हावी थे, लेकिन समय के साथ ड्रोन हमले सबसे बड़ा हथियार बन गए। 2023 में जहां करीब 6,000 एयर और ड्रोन हमले दर्ज हुए, वहीं 2024 में यह संख्या 16,000 के करीब पहुंच गई। 2025 में यह आंकड़ा 29,000 से भी ज्यादा हो गया।
Ukraine रूस अब बड़े पैमाने पर Shahed जैसे ड्रोन इस्तेमाल कर रहा है, जो पहले ईरान से आते थे और अब रूस में ही बनाए जा रहे हैं। ये ड्रोन सस्ते हैं, लंबी दूरी तय कर सकते हैं और एक साथ झुंड में भेजे जाने पर एयर डिफेंस को थका देते हैं। रूस ने ड्रोन, मिसाइल और नकली टारगेट्स को मिलाकर ऐसे हमले किए, जिनसे यूक्रेन की रक्षा प्रणाली पर भारी दबाव पड़ा।
आम लोगों पर सबसे ज्यादा मार
Ukraine इस ड्रोन युद्ध का सबसे दर्दनाक पहलू आम नागरिकों पर बढ़ते हमले हैं। Kharkiv, Odesa और Kyiv जैसे बड़े शहरों में ड्रोन हमलों ने रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। बिजलीघर, स्कूल, अस्पताल और घर सब कुछ इस जंग की चपेट में आया।
Ukraine यूक्रेन ने एयर डिफेंस, मोबाइल फायर टीम और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर से ड्रोन गिराने की कोशिश की, लेकिन रूस के हमलों की संख्या और तीव्रता लगातार बढ़ती रही।
चार साल बाद तस्वीर क्या कहती है

Ukraine चार साल बाद ज़मीन पर बनी मैपिंग यह दिखाती है कि रूस ने बहुत भारी कीमत चुकाकर भी सीमित इलाके ही जीते हैं। वहीं यूक्रेन ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन युद्ध थमता नहीं दिखता। यह अब सिर्फ टैंक और सैनिकों की जंग नहीं, बल्कि तकनीक, ड्रोन और धैर्य की लड़ाई बन चुकी है।
Disclaimer: यह लेख अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स, स्वतंत्र संघर्ष मॉनिटर्स और सार्वजनिक सैन्य बयानों पर आधारित है। युद्ध से जुड़ी जानकारी समय के साथ बदल सकती है। यह कंटेंट केवल सूचना और विश्लेषण के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है, किसी पक्ष का समर्थन या विरोध नहीं करता।
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