सेबी ने हाइब्रिड म्यूचुअल फंड से जुड़े नियमों में अहम बदलाव करने का फैसला लिया है।
नए नियमों का उद्देश्य निवेशकों को ज्यादा पारदर्शिता और स्पष्ट निवेश ढांचा उपलब्ध कराना है।
कुछ श्रेणियों में निवेश सीमा और एसेट एलोकेशन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अब हाइब्रिड फंड्स को अपने पोर्टफोलियो की जानकारी ज्यादा पारदर्शी तरीके से बतानी होगी।
फंड के नाम और उसकी निवेश रणनीति में समानता रखना भी अब अनिवार्य किया गया है।
इन बदलावों से गोल्ड, सिल्वर और अन्य एसेट क्लास में निवेश का दायरा बढ़ सकता है।
निवेशकों को जोखिम और रिटर्न के बीच बेहतर संतुलन समझने में इन नियमों से मदद मिलेगी।
नए नियम 2026 से लागू होंगे और म्यूचुअल फंड उद्योग पर व्यापक असर डालेंगे।