सपनों की कोई उम्र नहीं होती और सीखने की कोई सीमा नहीं होती. अगर इंसान के अंदर कुछ नया करने की चाह हो, तो जिम्मेदारियां भी उसकी राह नहीं रोक सकतीं. गुजरात की रहने वाली जिगीषा टेलर ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है. करीब 16 साल तक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाने के बाद उन्होंने दोबारा छात्र बनने का फैसला किया और अपने बेटे के साथ IIT मद्रास से एक ही डिग्री हासिल कर इतिहास जैसा प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया. उनकी यह कहानी आज उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो उम्र या पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं.
16 साल तक पढ़ाया, फिर खुद शुरू की नई पढ़ाई

गुजरात के भरूच की रहने वाली जिगीषा टेलर इलेक्ट्रॉनिक्स विषय की प्रोफेसर थीं और करीब 16 वर्षों तक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाती रहीं. वर्ष 2019 में पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी. इसी दौरान उनके बेटे आदित्य ने IIT मद्रास के BS in Data Science and Applications प्रोग्राम में दाखिला लिया. बेटे की पढ़ाई और उसके अनुभव से प्रेरित होकर जिगीषा ने भी वर्ष 2022 में उसी कोर्स में प्रवेश लेने का फैसला किया.
शुरुआत में आई कई मुश्किलें
करीब तीन साल बाद दोबारा पढ़ाई शुरू करना आसान नहीं था. गणित और स्टैटिस्टिक्स जैसे विषयों को फिर से समझने में उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. IIT मद्रास की लाइव डाउट क्लास, ऑनलाइन स्टडी ग्रुप और नियमित अभ्यास की मदद से उन्होंने धीरे धीरे अपनी पढ़ाई को आसान बनाया. परिवार और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए वह हर सेमेस्टर में सीमित विषय ही चुनती थीं.
अनुशासन बना सफलता की सबसे बड़ी वजह
जिगीषा का रोज का रूटीन बेहद अनुशासित था. वह सुबह 4:30 बजे उठकर पढ़ाई शुरू करती थीं और सुबह 7 बजे तक पढ़ाई पूरी कर लेती थीं. इसके बाद घर की जिम्मेदारियां निभातीं और समय मिलने पर फिर पढ़ाई करती थीं. दूसरी ओर उनका बेटा आदित्य भी डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अपनी रुचि के साथ पूरी मेहनत से पढ़ाई करता रहा. आखिरकार दोनों ने एक साथ IIT मद्रास की प्रतिष्ठित डिग्री हासिल कर ली.
परिवार के सहयोग से पूरा हुआ सपना
जिगीषा बताती हैं कि कई लोगों ने उनसे पूछा कि इस उम्र में पढ़ाई करने की क्या जरूरत है, लेकिन उन्होंने अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा. उनके पति, जो स्वयं प्रोफेसर हैं, ने हर कदम पर उनका साथ दिया. सास ससुर और पूरे परिवार ने भी उनका मनोबल बढ़ाया. यही सहयोग उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत बना. आज उनकी कहानी यह संदेश देती है कि सीखने की इच्छा और परिवार का साथ हो, तो किसी भी उम्र में नई मंजिल हासिल की जा सकती है.
मुख्य जानकारी

| विषय | विवरण |
|---|---|
| नाम | जिगीषा टेलर |
| राज्य | गुजरात |
| संस्थान | IIT मद्रास |
| कोर्स | BS in Data Science and Applications |
| बेटे का नाम | आदित्य |
| खास उपलब्धि | मां और बेटे ने साथ में IIT डिग्री हासिल की |
मुख्य हाइलाइट्स
- 16 साल तक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाने के बाद खुद बनीं स्टूडेंट।
- मां और बेटे ने IIT मद्रास से एक साथ डिग्री हासिल की।
- सुबह 4:30 बजे उठकर करती थीं नियमित पढ़ाई।
- परिवार के सहयोग से पूरा किया अपना सपना।
- उनकी कहानी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बनी।
Disclaimer
यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी आधिकारिक जानकारी या बदलाव के लिए संबंधित संस्थान की आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दें।
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