हर साल लाखों छात्र CBSE बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। ऐसे में जब मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते हैं, तो छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। इस बीच CBSE OSM System को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है, जहां अदालत ने छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। फिलहाल कोर्ट ने कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है, लेकिन इस मामले ने डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को लेकर नई बहस जरूर शुरू कर दी है।
क्या है CBSE OSM System का पूरा मामला?

सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली के लिए स्पष्ट नियम और दिशानिर्देश बनाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और छात्रों के हितों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से पेश होने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी सहायता मांगी है।
सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों की चिंता को बताया गंभीर
सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि छात्रों में बढ़ रही निराशा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत का मानना है कि मूल्यांकन प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसी वजह से कोर्ट ने सभी पक्षों की राय जानने और उचित समाधान तलाशने का फैसला किया है।
क्या होता है CBSE का OSM System?
CBSE OSM System एक डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया है। इसमें परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन किया जाता है। इसके बाद परीक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर स्कैन की गई कॉपियों को देखकर अंक देते हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मूल्यांकन को तेज, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। हालांकि, कुछ छात्रों और शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी समस्याओं और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर और सुधार की आवश्यकता है।
आगे छात्रों पर क्या पड़ सकता है असर?
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है। यदि भविष्य में अदालत नए दिशा-निर्देश जारी करती है या मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव का आदेश देती है, तो आने वाले वर्षों में CBSE बोर्ड परीक्षाओं की जांच प्रक्रिया में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इससे मूल्यांकन प्रणाली अधिक पारदर्शी और छात्रों के लिए भरोसेमंद बनने की उम्मीद है।
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| मामला | CBSE OSM System पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई |
| याचिका | ऑन-स्क्रीन मार्किंग के लिए स्पष्ट नियम बनाने की मांग |
| कोर्ट की टिप्पणी | छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया |
| वर्तमान स्थिति | अंतिम फैसला अभी नहीं आया |
मुख्य बातें

- CBSE OSM System को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई।
- ऑन-स्क्रीन मार्किंग के लिए स्पष्ट नियम बनाने की मांग।
- छात्रों की चिंताओं को अदालत ने गंभीरता से लिया।
- भविष्य में मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव संभव।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले में अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा। किसी भी नई जानकारी के लिए आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें।
Also Read





