रियलिटी शो में जब अलग-अलग सोच और बेबाक बोलने वाले लोग आमने-सामने आते हैं, तो माहौल गरम होना तय माना जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा Rise And Fall 2 के दूसरे एपिसोड में देखने को मिला, जहां शहजाद पूनावाला और स्वरा भास्कर के बीच बातचीत देखते ही देखते तीखी बहस में बदल गई। शो के होस्ट वीरेंद्र सहवाग के सवाल के बाद शुरू हुई यह नोकझोंक राजनीतिक करियर से लेकर स्वरा के पति फहाद अहमद तक पहुंच गई।
वीरेंद्र सहवाग के सवाल ने बढ़ाई गर्मी

एपिसोड में वीरेंद्र सहवाग ने शहजाद से सवाल किया कि वह स्वरा से बातचीत क्यों नहीं कर रहे हैं। इस पर शहजाद ने अपने अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि उनकी आवाज दबाने वाला कोई पैदा नहीं हुआ और वह स्वरा को नजरअंदाज करना पसंद कर रहे हैं। शहजाद की बात पर स्वरा हंसती नजर आईं, लेकिन कुछ ही देर में माहौल गंभीर हो गया।
Rise And Fall 2 में राजनीतिक करियर पर तंज
बात आगे बढ़ी तो स्वरा ने साफ कहा कि यह चुनाव नहीं है। इसके बाद उन्होंने शहजाद के राजनीतिक करियर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस शो से उनका कथित “डूबता हुआ” राजनीतिक करियर उज्ज्वल नहीं होने वाला। इस टिप्पणी के बाद Rise And Fall 2 की यह बहस और ज्यादा सुर्खियों में आ गई।
शहजाद ने भी जवाब देने में देर नहीं की। उन्होंने स्वरा से कहा कि उन्हें उनके करियर की चिंता करने की जरूरत नहीं है और वह अपने पति के करियर की चिंता करें। इस तरह बातचीत में स्वरा के पति फहाद अहमद का भी जिक्र आ गया।
स्वरा ने बहस को आगे बढ़ाने से किया इनकार
बहस बढ़ने के बाद स्वरा ने इसे और लंबा खींचने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह इस तरह की “कीचड़-पट्टी” में शामिल नहीं होना चाहतीं। इस पूरे घटनाक्रम ने Rise And Fall 2 में दोनों के बीच पहले से मौजूद मतभेदों को एक बार फिर सामने ला दिया।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज

Rise And Fall 2 शुरू होने से पहले ही स्वरा और शहजाद के बीच सार्वजनिक तौर पर अलग-अलग मुद्दों पर मतभेद चर्चा में रहे हैं। अब शो के अंदर हुई यह बहस दर्शकों के बीच भी खूब चर्चा बटोर रही है। हालांकि, शो में कही गई राजनीतिक टिप्पणियां दोनों प्रतिभागियों के अपने बयान हैं और इन्हें उनके व्यक्तिगत रुख के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी हालिया मीडिया रिपोर्टों और शो में सामने आए बयानों पर आधारित है। बहस के दौरान कही गई राजनीतिक या व्यक्तिगत टिप्पणियां संबंधित प्रतिभागियों के बयान हैं। पाठकों को किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी घटना और संबंधित स्रोतों को स्वयं देखना चाहिए।
Also Read
Kashmera Shah on Govinda-Sunita: सुनीता के बचाव में उतरीं कश्मीरा, कोमल रानी के दावों पर उठाया सवाल





