CBSE 12: हेलो फ्रेंड्स, इन दिनों सोशल मीडिया पर Central Board of Secondary Education की 12वीं कक्षा के गणित के पेपर से जुड़ी एक अनोखी खबर तेजी से वायरल हो रही है। बताया जा रहा है कि प्रश्नपत्र पर छपे एक QR कोड को स्कैन करने पर छात्रों को पढ़ाई से जुड़ी जानकारी नहीं, बल्कि इंटरनेट का मशहूर “रिकरोल” वीडियो दिखाई देने लगा।
इस घटना ने देखते ही देखते इंटरनेट पर चर्चा छेड़ दी और कई यूजर्स ने इसे लेकर मजेदार प्रतिक्रियाएं भी दीं।
CBSE 12 QR कोड स्कैन करते ही खुल गया ‘Rickroll’

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ छात्रों और सोशल मीडिया यूजर्स ने जब गणित के प्रश्नपत्र में दिए गए QR कोड को स्कैन किया, तो वह सीधे मशहूर गाने Never Gonna Give You Up के वीडियो पर पहुंच गया। यह गाना ब्रिटिश गायक Rick Astley का है और इंटरनेट पर “Rickroll” के नाम से काफी लोकप्रिय है।
रिकरोल इंटरनेट की एक पुरानी मजाकिया ट्रेंड है, जिसमें किसी लिंक या कोड के जरिए अचानक यही गाना खुल जाता है। छात्रों के लिए यह अनुभव थोड़ा हैरान करने वाला था।
CBSE 12 सोशल मीडिया पर शुरू हुई चर्चा
जैसे ही यह मामला सामने आया, कई लोगों ने इसके स्क्रीनशॉट और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने शुरू कर दिए। कुछ यूजर्स ने इसे मजेदार संयोग बताया, तो कुछ ने सवाल उठाया कि आखिर परीक्षा के प्रश्नपत्र में ऐसा लिंक कैसे पहुंच गया।
कई छात्रों ने कहा कि वे तो सोच रहे थे कि QR कोड में शायद सिलेबस या किसी तरह की शैक्षणिक जानकारी होगी, लेकिन जब गाना चलने लगा तो वे चौंक गए।
क्या है QR कोड का असली उद्देश्य
आम तौर पर परीक्षा प्रश्नपत्रों में दिए गए QR कोड का उद्देश्य पेपर की सत्यता और सुरक्षा को जांचना होता है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि पेपर असली है और उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई है।
हालांकि इस मामले में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि QR कोड गलत तरीके से लिंक हुआ था या यह केवल सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाह या एडिटेड कंटेंट का हिस्सा था।
इंटरनेट पर वायरल हुआ मजेदार किस्सा

यह घटना चाहे तकनीकी गड़बड़ी हो या सिर्फ इंटरनेट की शरारत, लेकिन इसने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी हैं। कई यूजर्स ने मजाक में कहा कि गणित का पेपर भले मुश्किल हो, लेकिन QR कोड ने माहौल हल्का कर दिया।
डिजिटल दौर में ऐसी घटनाएं तेजी से वायरल हो जाती हैं और देखते ही देखते लाखों लोगों तक पहुंच जाती हैं।
Disclaimer: यह लेख सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। घटना की वास्तविक स्थिति और आधिकारिक पुष्टि के लिए संबंधित संस्थान के आधिकारिक बयान को देखना आवश्यक है।
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