भारत एक खामोश लेकिन खतरनाक स्वास्थ्य संकट की ओर बढ़ रहा है। Economic Survey 2025-26 ने संसद में पेश रिपोर्ट में साफ चेतावनी दी है कि देश में obesity alarming rate से बढ़ रही है और यह अब एक बड़ा public health challenge बन चुकी है। यह समस्या सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण भारत भी इसकी चपेट में आ चुका है।
रिपोर्ट के अनुसार unhealthy diet, sedentary lifestyle, ultra-processed foods (UPF) का बढ़ता सेवन और बदलती जीवनशैली इस संकट की मुख्य वजह हैं। मोटापा अब diabetes, heart disease और hypertension जैसी non-communicable diseases (NCDs) का खतरा तेजी से बढ़ा रहा है।
चौंकाने वाले आंकड़े: बच्चे भी नहीं बचे obesity से

Economic Survey ने NFHS 2019-21 के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 24% भारतीय महिलाएं और 23% पुरुष overweight या obese हैं। 15-49 वर्ष की महिलाओं में 6.4% और पुरुषों में 4% लोग obesity की श्रेणी में आते हैं।
सबसे चिंता की बात बच्चों को लेकर है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों में excess weight का प्रतिशत 2015-16 के 2.1% से बढ़कर 2019-21 में 3.4% हो गया। अनुमान है कि 2020 में भारत में 3.3 करोड़ बच्चे obese थे और 2035 तक यह संख्या 8.3 करोड़ तक पहुंच सकती है।
रिपोर्ट ने ultra-processed foods के तेजी से फैलते बाजार पर भी गंभीर चिंता जताई है। भारत में UPF बिक्री 2009 से 2023 के बीच 150% से ज्यादा बढ़ी है। 2006 में जहां बिक्री $0.9 billion थी, वहीं 2019 तक यह करीब $38 billion पहुंच गई। इसी दौरान obesity लगभग दोगुनी हो गई।
सरकार के कदम और आगे की राह
Survey के मुताबिक obesity सिर्फ स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि आर्थिक बोझ भी है। इससे healthcare खर्च बढ़ता है, productivity घटती है और लंबी अवधि में fiscal pressure बनता है।
सरकार ने इससे निपटने के लिए कई अभियान शुरू किए हैं, जिनमें POSHAN Abhiyaan, Fit India Movement, Khelo India, Eat Right India, Aaj Se Thoda Kam अभियान, School Health Programme और Yoga promotion शामिल हैं। इनका मकसद nutrition, physical activity और healthy lifestyle को बढ़ावा देना है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अभी से खानपान और जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दशक में obesity भारत की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल हो सकती है।

Economic Survey की चेतावनी साफ है: मोटापा अब व्यक्तिगत समस्या नहीं, राष्ट्रीय संकट बनता जा रहा है। परिवार, समाज और सरकार तीनों को मिलकर healthy lifestyle को प्राथमिकता देनी होगी।
Disclaimer: यह लेख सरकारी रिपोर्ट में जारी आंकड़ों पर आधारित जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
Also Read
क्या Stage 3 Kidney Disease रह सकती है Stable? Nephrologist ने बताए ज़रूरी Lifestyle Changes
लंबी और स्वस्थ जिंदगी के लिए 5 Lifestyle Tweaks, जो दिमाग को भी रखेंगे मजबूत




