भारत में बढ़ती Digital Addiction को लेकर अब नीति स्तर पर गंभीर चर्चा शुरू हो चुकी है। Economic Survey 2025-26 ने सरकार से साफ सिफारिश की है कि बच्चों के लिए Social Media Age Limit लागू करने पर विचार किया जाए। यह कदम सीधे तौर पर Meta, Google और अन्य टेक कंपनियों को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि भारत उनका सबसे बड़ा यूजर बेस बाजार है।
Survey का फोकस खासतौर पर बच्चों में बढ़ती स्क्रीन निर्भरता, एल्गोरिदमिक लत और टार्गेटेड डिजिटल विज्ञापनों पर है। रिपोर्ट कहती है कि युवा यूजर्स compulsive usage के ज्यादा शिकार हैं और उन्हें harmful content से बचाने के लिए संरचनात्मक नियम जरूरी हो गए हैं।
Digital Addiction पर Survey की सबसे बड़ी चेतावनी

Economic Survey ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को age verification और child-safe default settings लागू करने के लिए जिम्मेदार बनाया जाना चाहिए। खासकर social media apps, gambling apps, auto-play features और targeted advertising पर नियंत्रण जरूरी बताया गया है।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि बच्चों के लिए basic phones या education-only tablets को बढ़ावा दिया जाए, साथ ही usage limits और content filters अनिवार्य हों। इसका मकसद बच्चों को हिंसक, यौन या जुए से जुड़े कंटेंट से दूर रखना है।
भारत के डेटा प्रोटेक्शन फ्रेमवर्क में पहले ही यह प्रावधान है कि 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए parental consent जरूरी होगा और बच्चों पर behavioural tracking या targeted ads पर रोक होगी। हालांकि यह नियम अभी लागू होना बाकी है।
Australia मॉडल बना वैश्विक उदाहरण
Economic Survey ने ऑस्ट्रेलिया के मॉडल का खास जिक्र किया है। ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बन चुका है जिसने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर न्यूनतम उम्र सीमा लागू की है। नए कानून के तहत Instagram, YouTube और Snap जैसे प्लेटफॉर्म को अंडर-16 अकाउंट बंद करने पड़े।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार का कहना है कि यह कानून बच्चों को cyberbullying, मानसिक दबाव और एल्गोरिदमिक लत से बचाने के लिए जरूरी था। एक सरकारी सर्वे में पाया गया कि आधे से ज्यादा किशोर सोशल मीडिया पर ऑनलाइन उत्पीड़न का सामना कर चुके हैं।
भारत के आंध्र प्रदेश और गोवा जैसे राज्य भी इसी दिशा में अध्ययन शुरू कर चुके हैं।

Economic Survey की सिफारिश यह संकेत देती है कि आने वाले समय में भारत डिजिटल सुरक्षा को लेकर बड़े कदम उठा सकता है। बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर उम्र आधारित नियम सिर्फ प्रतिबंध नहीं, बल्कि स्वस्थ डिजिटल भविष्य की दिशा में नीति बदलाव हो सकता है। सवाल अब यह नहीं कि नियम बनेंगे या नहीं, बल्कि यह है कि वे कितनी जल्दी लागू होते हैं।
Disclaimer: यह लेख सार्वजनिक रिपोर्ट और उपलब्ध सरकारी दस्तावेजों पर आधारित है। अंतिम नीति निर्णय सरकार की अधिसूचना के अनुसार ही मान्य होगा।
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