भारत के इतिहास और संस्कृति से जुड़ी किताबों में किए गए बदलाव अक्सर चर्चा का विषय बन जाते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। NCERT की कक्षा 9वीं की नई कला पुस्तक में सिंधु घाटी सभ्यता की प्रसिद्ध “डांसिंग गर्ल” मूर्ति की तस्वीर को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। यह मूर्ति भारतीय इतिहास की सबसे चर्चित और महत्वपूर्ण कलाकृतियों में गिनी जाती है। नई किताब में प्रकाशित तस्वीर को देखकर कई इतिहासकारों और शिक्षा विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि तस्वीर के मूल स्वरूप में बदलाव किया गया है, जिससे ऐतिहासिक प्रस्तुति पर बहस शुरू हो गई है।
NCERT की नई किताब में क्या बदला गया?

नई कला पुस्तक ‘मधुरिमा’ के पहले अध्याय में मोहनजोदड़ो की प्रसिद्ध डांसिंग गर्ल की तस्वीर प्रकाशित की गई है। हालांकि इस बार तस्वीर में मूर्ति के ऊपरी हिस्से को इस तरह प्रस्तुत किया गया है कि वह मूल प्रतिमा से अलग दिखाई देती है। तस्वीर में शेडिंग का इस्तेमाल किया गया है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि मूर्ति ने वस्त्र धारण किए हुए हैं।
यही बदलाव अब विवाद का कारण बन गया है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि ऐतिहासिक धरोहरों को उनके मूल स्वरूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए ताकि छात्रों को सही जानकारी मिल सके।
25 वर्षों में पहली बार हुआ ऐसा बदलाव
जानकारों के अनुसार पिछले लगभग 25 वर्षों से यह मूर्ति NCERT की विभिन्न पुस्तकों में अपने मूल स्वरूप में प्रकाशित होती रही है। पहली बार ऐसा हुआ है जब इसकी तस्वीर में दृश्यात्मक परिवर्तन देखने को मिला है।
इस बदलाव के सामने आने के बाद शिक्षा और इतिहास से जुड़े कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका मानना है कि इतिहास को बिना किसी बदलाव के प्रस्तुत करना जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियां वास्तविक तथ्यों से परिचित हो सकें।
इतिहासकारों ने क्यों जताई चिंता?
इस मामले पर कई विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी है। उनका कहना है कि किसी ऐतिहासिक कलाकृति की तस्वीर में बदलाव करना उचित नहीं माना जा सकता। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि इससे छात्रों के सामने वास्तविक इतिहास की जगह बदला हुआ चित्र प्रस्तुत होता है।
हालांकि दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि यह केवल एक प्रस्तुति शैली का हिस्सा हो सकता है और इसे किसी बड़े विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
NCERT ने क्या दी सफाई?
विवाद बढ़ने के बाद NCERT की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। संस्था का कहना है कि इस बदलाव के पीछे कोई विशेष उद्देश्य नहीं है। साथ ही यह भी बताया गया कि अन्य कक्षाओं की पुस्तकों में डांसिंग गर्ल की मूल तस्वीर पहले की तरह प्रकाशित की गई है।
डांसिंग गर्ल मूर्ति की खास बातें

• सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे प्रसिद्ध कलाकृतियों में शामिल
• मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिली थी
• कांसे से निर्मित लगभग 4 इंच ऊंची प्रतिमा
• भारतीय इतिहास और कला का महत्वपूर्ण प्रतीक
• वर्तमान में नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में सुरक्षित
Disclaimer:
यह लेख उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। विवाद से जुड़ी परिस्थितियां और आधिकारिक जानकारी समय के साथ बदल सकती हैं। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोतों की जानकारी अवश्य जांच लें।
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