Solar Eclipse: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज यानी 17 फरवरी 2026 को लगने जा रहा है। यह कोई सामान्य सूर्य ग्रहण नहीं, बल्कि एक वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse) है, जिसे आम भाषा में Ring of Fire कहा जाता है। यह खगोलीय घटना वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों के लिए खास मानी जा रही है। हालांकि, भारत में रहने वाले लोग इसे सीधे तौर पर नहीं देख पाएंगे।
क्या है वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse)

वलयाकार सूर्य ग्रहण तब होता है, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं, लेकिन उस समय चंद्रमा पृथ्वी से अपेक्षाकृत अधिक दूरी पर होता है। इसी वजह से चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता। नतीजतन, सूर्य का बाहरी हिस्सा एक चमकदार छल्ले की तरह दिखाई देता है, जिसे Ring of Fire कहा जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के लगभग 96 प्रतिशत हिस्से को ढक लेगा, लेकिन किनारों से सूर्य की तेज रोशनी बनी रहेगी।
Solar Eclipse 2026 का समय और अवधि
-
तारीख: 17 फरवरी 2026
-
प्रकार: वलयाकार सूर्य ग्रहण
-
भारतीय समय अनुसार शुरुआत: दोपहर 12:31 बजे
-
अधिकतम अवधि: लगभग 2 मिनट 20 सेकंड
यह समय अलग-अलग देशों में अलग हो सकता है, लेकिन भारत में इसी समय सूर्य क्षितिज के नीचे रहेगा।
भारत में क्यों नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण
यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से दक्षिणी गोलार्ध में दिखाई देगा। भारत में उस समय सूर्य क्षितिज के नीचे होने के कारण देश के किसी भी हिस्से से इसका प्रत्यक्ष दर्शन संभव नहीं होगा। इसी वजह से भारत में सूतक काल भी मान्य नहीं होगा और धार्मिक गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
कहां दिखाई देगा ‘Ring of Fire’
वलयाकार सूर्य ग्रहण का शानदार नजारा दक्षिणी गोलार्ध के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। इनमें शामिल हैं:
-
दक्षिण अमेरिका के कुछ क्षेत्र
-
दक्षिणी अफ्रीका
-
अंटार्कटिका के आसपास के इलाके
-
कुछ समुद्री क्षेत्र
इन जगहों पर सूर्य एक चमकते छल्ले की तरह दिखाई देगा, जो देखने में बेहद दुर्लभ और आकर्षक होता है।
ऑनलाइन कैसे देखें सूर्य ग्रहण
जो लोग भारत में रहते हैं और इस खगोलीय घटना को देखना चाहते हैं, वे इसे ऑनलाइन लाइव स्ट्रीम के जरिए देख सकते हैं। कई अंतरराष्ट्रीय वेधशालाएं और स्पेस एजेंसियां इस सूर्य ग्रहण का सीधा प्रसारण करेंगी।
-
अंतरराष्ट्रीय स्पेस एजेंसियों की वेबसाइट
-
आधिकारिक यूट्यूब चैनल
-
खगोल विज्ञान से जुड़ी लाइव स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म
वैज्ञानिकों के लिए क्यों खास है यह ग्रहण
साल 2026 का यह पहला सूर्य ग्रहण वैज्ञानिकों के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे सूर्य की बाहरी परत, प्रकाश की तीव्रता और चंद्रमा की कक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण डेटा जुटाए जाते हैं। हर सूर्य ग्रहण हमारे सौरमंडल की जटिल गतिशीलता और संतुलन को समझने का एक नया अवसर देता है।

17 फरवरी 2026 को लगने वाला यह वलयाकार सूर्य ग्रहण भले ही भारत में दिखाई न दे, लेकिन यह खगोलीय घटना पूरी दुनिया के लिए बेहद खास है। Ring of Fire Solar Eclipse हमें एक बार फिर ब्रह्मांड की विशालता और प्रकृति की अद्भुत संरचना का एहसास कराता है। जो लोग इसे प्रत्यक्ष नहीं देख पाएंगे, वे ऑनलाइन माध्यम से इस दुर्लभ नजारे का आनंद जरूर ले सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख विभिन्न खगोलीय स्रोतों और वैज्ञानिक जानकारियों पर आधारित है। सूर्य ग्रहण से जुड़ी किसी भी वैज्ञानिक या धार्मिक मान्यता को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित आधिकारिक संस्थानों और विशेषज्ञों पर निर्भर करता है। पाठकों से अनुरोध है कि प्रत्यक्ष सूर्य दर्शन से संबंधित सुरक्षा नियमों का पालन करें।
Also Read
Trump vs Canada: एयरक्राफ्ट पर 50% टैरिफ की धमकी से भड़का नया ट्रेड विवाद
PNB Apprentices Recruitment 2026: हजारों पदों पर भर्ती शुरू, जानें योग्यता, सैलरी और आवेदन प्रक्रिया
8th Pay Commission Latest Update 2026: Salary Hike और DA Increase पर बड़ा अपडेट





