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Trump Greenland Statement 2026: National Security के नाम पर फिर Greenland पर नज़र

By: Abhinav Prajapati

On: Thursday, January 15, 2026 3:30 PM

Trump Greenland statement
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर Trump Greenland statement देकर दुनिया का ध्यान आर्कटिक क्षेत्र की ओर खींच लिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि US needs Greenland for national security, जिससे डेनमार्क, Greenland और NATO सहयोगी देशों में चिंता बढ़ गई है।

Trump Greenland Statement 2026: अमेरिका क्यों चाहता है Greenland

14 जनवरी 2026 को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि Greenland अमेरिका की सुरक्षा के लिए “बेहद जरूरी” है। उनके मुताबिक, अमेरिका जिस मल्टी-लेयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर काम कर रहा है, उसके लिए Greenland की रणनीतिक स्थिति अहम है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अगर अमेरिका पीछे हटता है तो रूस या चीन इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर सकते हैं।

Trump Greenland statement
Trump Greenland statement

उनका कहना था कि NATO becomes stronger if Greenland is under US control, और इससे कम कोई भी व्यवस्था उन्हें स्वीकार्य नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया जब अमेरिका, डेनमार्क और Greenland के अधिकारी वॉशिंगटन में बातचीत करने वाले थे।

Denmark और Greenland का साफ जवाब

Greenland और डेनमार्क दोनों ने ट्रंप के बयान को खारिज कर दिया है। Greenland के प्रधानमंत्री ने दो टूक कहा कि अगर कभी विकल्प चुनने की नौबत आई, तो वे अमेरिका की बजाय डेनमार्क को चुनेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि Greenland न तो अमेरिका का हिस्सा बनना चाहता है और न ही उसके नियंत्रण में जाना।

NATO और यूरोप में बढ़ी बेचैनी

ट्रंप की इस टिप्पणी से NATO के भीतर भी असहजता दिखी है। डेनमार्क ने चेतावनी दी है कि किसी NATO सदस्य की संप्रभुता को चुनौती देना गठबंधन की मूल भावना के खिलाफ है। विशेषज्ञों का मानना है कि Greenland की भौगोलिक स्थिति और वहां मौजूद rare earth resources इस विवाद को और संवेदनशील बनाते हैं।

Trump Greenland statement
Trump Greenland statement

Trump Greenland statement 2026 ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि आर्कटिक क्षेत्र आने वाले समय में वैश्विक राजनीति का बड़ा केंद्र बनने वाला है। हालांकि अमेरिका की सुरक्षा चिंताएं अपनी जगह हैं, लेकिन Greenland और डेनमार्क का रुख फिलहाल अडिग दिखता है।

Disclaimer: यह लेख सार्वजनिक समाचार स्रोतों और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। किसी भी नीतिगत निष्कर्ष के लिए सरकारी घोषणाओं को प्राथमिकता दें।

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Abhinav Prajapati

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