कहते हैं कि जिंदगी में जब किसी सपने के साथ भावनाएं जुड़ जाएं, तो इंसान हर मुश्किल को पार कर जाता है। ग्वालियर के आशीष शर्मा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करना लाखों युवाओं का सपना होता है, लेकिन आशीष के लिए यह सिर्फ नौकरी पाने का लक्ष्य नहीं था। यह उनकी दिवंगत मां से किया गया एक वादा था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने 6 साल तक लगातार संघर्ष किया।
आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और UPSC 2025 में उन्होंने AIR 186 हासिल कर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन कर दिया।
10 साल की उम्र में खो दिया मां का साथ

आशीष शर्मा का बचपन ग्वालियर में बीता। सबकुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन महज 10 साल की उम्र में उनकी जिंदगी ने बड़ा मोड़ लिया जब उनकी मां का निधन हो गया।
आशीष बताते हैं कि उनकी मां चाहती थीं कि उनका बेटा एक दिन सिविल सर्वेंट बने। मां के जाने के बाद यही सपना उनके जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य बन गया। उसी समय उन्होंने ठान लिया था कि चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, वह UPSC परीक्षा जरूर पास करेंगे।
ग्वालियर से शुरू हुआ सफलता का सफर
आशीष ने अपनी शुरुआती पढ़ाई ग्वालियर के GD Goenka School से पूरी की। इसके बाद उन्होंने जीवाजी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया।
कॉलेज के दौरान उन्होंने Political Science, History और Sociology जैसे विषय पढ़े। हालांकि बाद में उन्होंने UPSC के लिए Anthropology को ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना। यही फैसला आगे चलकर उनकी तैयारी में काफी मददगार साबित हुआ।
5 प्रयास और 6 साल की मेहनत
UPSC की तैयारी का सफर आशीष के लिए बिल्कुल आसान नहीं था। उन्होंने कुल 5 प्रयास दिए और हर बार नई सीख के साथ आगे बढ़ते रहे।
पहले ही प्रयास में उन्होंने प्रीलिम्स और मेन्स परीक्षा पास कर ली थी और इंटरव्यू तक पहुंच गए थे। लेकिन अंतिम चयन सूची में उनका नाम सिर्फ 20 अंकों से रह गया। यह पल उनके लिए बेहद कठिन था, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी कमजोरियों पर काम करना शुरू किया।
इसके बाद भी कई बार इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद सफलता हाथ नहीं लगी, लेकिन आशीष ने खुद पर भरोसा नहीं खोया।
आंसर राइटिंग में बदलाव बना सफलता की कुंजी
आशीष ने महसूस किया कि उनकी सबसे बड़ी कमी Answer Writing में थी। उन्होंने टॉपर्स की कॉपियों का गहराई से अध्ययन किया और समझा कि बेहतर उत्तर कैसे लिखे जाते हैं।
इस बार उन्होंने अपनी प्रस्तुति, कंटेंट और समय प्रबंधन पर खास ध्यान दिया। यही बदलाव उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बना।
आशीष शर्मा की सफलता से सीख
- लगातार मेहनत कभी बेकार नहीं जाती
- असफलता से सीखना जरूरी है
- सही रणनीति सफलता दिलाती है
- Answer Writing पर पकड़ मजबूत होना जरूरी
- परिवार का सपोर्ट सबसे बड़ी ताकत बनता है

आशीष शर्मा की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो UPSC जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता जरूर मिलती है। मां का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने जो संघर्ष किया, वह हर छात्र को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर लिखा गया है। UPSC परीक्षा और परिणाम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित वेबसाइट जरूर देखें।
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