जोमैटो के फाउंडर Deepinder Goyal एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह फूड डिलीवरी नहीं बल्कि हेल्थ टेक्नोलॉजी है। उन्होंने हाल ही में अपने नए वेयरेबल डिवाइस ‘Temple’ की जानकारी साझा की है, जिसने टेक और हेल्थ इंडस्ट्री दोनों में उत्सुकता बढ़ा दी है।
यह डिवाइस अभी पूरी तरह मार्केट में लॉन्च नहीं किया गया है, लेकिन इसकी शुरुआती 100 यूनिट्स तैयार हो चुकी हैं। फिलहाल कंपनी ने इसके लिए अर्ली एक्सेस आवेदन शुरू किए हैं। खास बात यह है कि Temple को सीमित यूजर्स के साथ टेस्ट किया जाएगा ताकि इसे और बेहतर बनाया जा सके।
Temple Wearable आखिर क्या है?

Temple कोई साधारण फिटनेस बैंड या स्मार्टवॉच नहीं है। जहां ज्यादातर वेयरेबल डिवाइस सिर्फ स्टेप्स, हार्ट रेट या कैलोरी ट्रैक करते हैं, वहीं Temple का फोकस इंसान के दिमाग की कार्यक्षमता को समझने पर है।
जानकारी के अनुसार यह डिवाइस cerebral blood flow यानी दिमाग तक पहुंचने वाले ब्लड फ्लो को मॉनिटर करने की कोशिश करता है। आसान भाषा में कहें तो यह समझने की तकनीक है कि आपका दिमाग कितनी अच्छी तरह काम कर रहा है और आपकी दिनभर की आदतों का उस पर क्या असर पड़ रहा है।
क्यों खास माना जा रहा है Temple?
Temple का उद्देश्य सिर्फ फिटनेस ट्रैकिंग तक सीमित नहीं है। यह डिवाइस यह समझने में मदद कर सकता है कि आपकी बॉडी पोस्चर, लाइफस्टाइल और यहां तक कि ग्रेविटी भी आपके ब्रेन परफॉर्मेंस को कैसे प्रभावित करती है।
माना जा रहा है कि यह डिवाइस मानसिक थकान, फोकस लेवल और ब्रेन हेल्थ को बेहतर तरीके से समझने में मदद कर सकता है। यही वजह है कि लोग इसे हेल्थ टेक इंडस्ट्री का एक नया और अनोखा प्रयोग मान रहे हैं।
किन लोगों को मिलेगा शुरुआती एक्सेस?
Temple का शुरुआती एक्सेस हर किसी के लिए उपलब्ध नहीं होगा। कंपनी फिलहाल इसे सीमित लोगों तक ही पहुंचाना चाहती है।
इस शुरुआती टेस्टिंग फेज में एथलीट्स, डॉक्टर, वैज्ञानिक, फाउंडर्स, क्रिएटर्स और हेल्थ को गंभीरता से लेने वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका मकसद ऐसे यूजर्स को जोड़ना है जो सिर्फ डिवाइस इस्तेमाल ही न करें, बल्कि उसे बेहतर बनाने के लिए उपयोगी फीडबैक भी दें।
सोशल मीडिया पर क्यों बढ़ी चर्चा?
Temple पहली बार तब चर्चा में आया जब Deepinder Goyal को एक पॉडकास्ट के दौरान कान के पास छोटी क्लिप जैसे डिवाइस के साथ देखा गया। उस समय लोगों को समझ नहीं आया कि यह आखिर क्या है। अब जब इसका खुलासा हुआ है, तब से सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है।
Temple Wearable की खास बातें

- दिमाग के ब्लड फ्लो को मॉनिटर करने पर फोकस
- मानसिक थकान और फोकस को समझने की कोशिश
- सीमित यूजर्स के साथ टेस्टिंग फेज में लॉन्च
- एथलीट्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स को मिलेगा शुरुआती एक्सेस
- हेल्थ टेक इंडस्ट्री में नया प्रयोग माना जा रहा
निष्कर्ष
Temple Wearable Device यह दिखाता है कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी सिर्फ फिटनेस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और ब्रेन परफॉर्मेंस को समझने में भी बड़ी भूमिका निभाएगी। Deepinder Goyal का यह नया कदम हेल्थ टेक सेक्टर में एक दिलचस्प शुरुआत माना जा रहा है।
Disclaimer
यह लेख उपलब्ध जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर लिखा गया है। Temple डिवाइस अभी शुरुआती टेस्टिंग फेज में है, इसलिए इसके फीचर्स और उपलब्धता में भविष्य में बदलाव हो सकते हैं।
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